मुजफ्फरनगर/मोरना।
मुजफ्फरनगर जनपद के गन्ना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ uttar pradesh chief minister के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने मोरना स्थित द गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए ₹261.91 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से मोरना, मीरापुर और आसपास के इलाकों के हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सांसद चंदन चौहान की पहल, जयंत चौधरी के मार्गदर्शन से मिली रफ्तार
मोरना चीनी मिल के इस बहुप्रतीक्षित विस्तार के पीछे क्षेत्रीय सांसद चंदन चौहान bijnor mp की सक्रिय भूमिका रही है। सांसद ने लगातार संसद, शासन और मुख्यमंत्री स्तर पर मिल की जर्जर स्थिति, पेराई में देरी और किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाया।
रालोद प्रमुख व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के मार्गदर्शन में यह प्रस्ताव शासन स्तर पर तेजी से आगे बढ़ा, जिसके बाद सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को हरी झंडी दे दी।
विरोध और आंदोलन की चेतावनी तक पहुंचा था मामला
मोरना चीनी मिल के विस्तार में हो रही देरी को लेकर किसानों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त था। कई अवसरों पर किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी आवाज पहुंचाई। इसी क्रम में एक बार किसानों ने सांसद चंदन चौहान का घेराव कर मोरना चीनी मिल के विस्तारीकरण का मुद्दा बड़े जोर-शोर से उठाया था।
उस दौरान किसानों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि यदि मिल के विस्तार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मौके पर सांसद चंदन चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया था कि वह इस विषय को सरकार के समक्ष मजबूती से रखेंगे और शासन से बातचीत कर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसी आश्वासन के बाद किसान शांत हुए थे और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी मांग को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस खबर को सचनामा न्यूज़ ने कवर किया था आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं।
मोरना चीनी मिल का होगा कायाकल्प, बड़े बदलाव तय
सरकारी स्वीकृति के बाद मोरना चीनी मिल में कई बड़े और निर्णायक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। योजना के तहत—
- पेराई क्षमता में दोगुनी बढ़ोतरी: वर्तमान 2500 TCD क्षमता को बढ़ाकर 5000 TCD (टन प्रतिदिन) किया जाएगा।
- आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: मिल में नई और अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे चीनी रिकवरी में सुधार होगा।
- रोजगार के नए अवसर: मिल विस्तार से स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- किसानों को राहत: पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना डंपिंग की समस्या कम होगी और भुगतान में तेजी आएगी।
वित्तीय ढांचे पर एक नजर
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹27,565.43 लाख (करीब ₹275 करोड़) है। इसमें से ₹26,191.00 लाख (₹261.91 करोड़) की सहायता राशि को सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। यह राशि 50 प्रतिशत ऋण और 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में व्यवस्थित की जा सकती है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा
सांसद चंदन चौहान ने इस निर्णय को मीरापुर और मोरना क्षेत्र के किसानों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से किसान पेराई में देरी से परेशान थे, लेकिन अब उनकी समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है।
वहीं मीरापुर की विधायक मिथलेश पाल ने भी इस फैसले पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया और इसे क्षेत्र के लिए विकास की नई इबारत करार दिया।

