Thursday, October 1, 2026

काशीपुर के गांवों में फैलता नशे का जाल, अवैध शराब से बढ़ रहा खतरा।


काशीपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले काशीपुर क्षेत्र के सीमावर्ती गांव इन दिनों एक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। तहसील काशीपुर के आईटीआई थाना क्षेत्र की पैगा चौकी के अंतर्गत आने वाले कई गांवों—खाई खेड़ा, छोटी बरखेड़ी, बड़ी बरखेड़ी, भोला सिंह का डेरा, कटैया और कनकपुर—से चिंताजनक हालात सामने आ रहे हैं। यहां अवैध कच्ची शराब का निर्माण और नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अब यह अवैध गतिविधियां सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं रहीं। नदियों के किनारे, नहरों के पास, नालों के आसपास और यहां तक कि श्मशान घाटों में भी खुलेआम शराब की भट्टियां चल रही हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पूरे इलाके के वातावरण और सामाजिक व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब कच्ची शराब के साथ-साथ स्मैक, हेरोइन और गांजा जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की बिक्री भी बढ़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। कई परिवारों के बच्चे नशे की लत में फंसते जा रहे हैं, जिससे घर-परिवार टूटने की कगार पर पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है, जो लंबे समय से सक्रिय है। इस कारोबार से जुड़े लोग आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके हैं और अपने प्रभाव के चलते कार्रवाई से बचते नजर आते हैं।

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार को संरक्षण मिल रहा है। पहले भी इस क्षेत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिससे लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।

अब क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इन गांवों में छापेमारी और जांच नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों ने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस और ईमानदार प्रयास करने की अपील की है।

फिलहाल इन गांवों में ऊपर से शांति दिखाई देती है, लेकिन अंदर ही अंदर नशे का यह काला कारोबार लगातार फैल रहा है, जो आने वाले समय में बड़े संकट का कारण बन सकता है।

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