उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में इंसान और जानवर के बीच गहरे रिश्ते की एक भावुक मिसाल सामने आई है। कोतवाली क्षेत्र के देवी चौक मोहल्ले में रहने वाले 12 साल के स्ट्रीट डॉग “कालू” की मृत्यु के बाद स्थानीय लोगों ने उसे बेहद सम्मान और प्रेम के साथ अंतिम विदाई दी।
मोहल्ले के लोगों के लिए कालू सिर्फ एक आवारा कुत्ता नहीं था, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा बन चुका था। करीब 12 वर्षों से वह गली-मोहल्ले की सुरक्षा करता था और हर घर से उसे अपनापन मिलता था। उसकी मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने मिलकर कालू की अंतिम यात्रा निकाली, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भाग लिया। यात्रा के दौरान लोगों ने फूल-मालाएं अर्पित कीं, गुब्बारे सजाए और भावुक गीतों के साथ उसे विदाई दी। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इसके बाद कालू का अंतिम संस्कार यमुना घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। लोगों ने उसे उसी सम्मान के साथ विदा किया, जैसा किसी अपने को दिया जाता है।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे इंसानियत और पशु प्रेम की एक अनोखी मिसाल के रूप में देख रहे हैं।
यह घटना न केवल भावनात्मक है, बल्कि समाज को यह भी संदेश देती है कि संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि जानवरों के प्रति भी उतनी ही गहरी हो सकती हैं।

