Thursday, October 1, 2026

कड़ी सुरक्षा में निकला ‘लाट साहब’ जुलूस, जूतों की बरसात के बीच परंपरा संपन्न।




शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होली के अवसर पर शहर की ऐतिहासिक और चर्चित परंपरा ‘लाट साहब’ का जुलूस इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। प्रशासन की सख्त निगरानी और व्यापक इंतजामों के चलते जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

यह जुलूस चौक कोतवाली से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ बंगले के नीचे पहुंचकर समाप्त हुआ। करीब तीन सौ साल पुरानी मानी जाने वाली इस परंपरा के तहत एक युवक को प्रतीकात्मक रूप से ‘लाट साहब’ बनाया जाता है। उसे भैंसागाड़ी पर बैठाकर जूते-चप्पलों की माला पहनाई जाती है और पूरे शहर में घुमाया जाता है।

जुलूस के दौरान लोगों ने परंपरा के अनुसार ‘लाट साहब’ पर जूते-चप्पलों की बरसात की और झाड़ुओं से प्रतीकात्मक पिटाई की। ढोल-नगाड़ों, रंग और गुलाल के बीच होली का उत्साह चरम पर रहा। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया व्यंग्य और सामाजिक प्रतीक के रूप में की जाती है, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

संवेदनशीलता को देखते हुए लगभग 600 से अधिक वालंटियर तैनात किए गए थे। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह पुलिस पिकेट लगाए गए थे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए पूरे रूट पर नजर रखी गई। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई थी।

जुलूस से पहले पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अधिकारियों ने पूरे रूट का निरीक्षण किया था। संभावित गड़बड़ी फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर रेड कार्ड जारी किए गए थे। प्रशासन की सतर्कता के चलते कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

होली के रंग, परंपरा और व्यंग्य के प्रतीक इस जुलूस को देखने के लिए शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परंपरा का सम्मान बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इस बार का ‘लाट साहब’ जुलूस जहां परंपरा और उत्साह का प्रतीक रहा, वहीं सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता भी पूरे आयोजन के केंद्र में रही।

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