मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में एटीएम चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस की लापरवाही भी उजागर होती दिख रही है। हैरानी की बात यह है कि चोरी की घटना के करीब एक महीने बाद जाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, वह भी तब जब बैंक मैनेजर को मजबूर होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, गंगानगर क्षेत्र में स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम के साथ यह घटना हुई। बैंक के बाहर लगे एटीएम मशीन में “एटीएम कम रिसाइकिलर” नाम की एक महत्वपूर्ण प्लेट लगी होती है, जिसे चोरों ने निशाना बनाया। इस प्लेट की कीमत करीब दो से ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।
चोरी की पूरी वारदात बेहद शातिर तरीके से अंजाम दी गई। पहले एक चोर एटीएम के अंदर घुसा और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे पर ब्लैक स्प्रे कर दिया, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद दूसरे चोर के साथ मिलकर एटीएम मशीन के अहम पार्ट को निकालकर फरार हो गए।
इस घटना के बाद से एटीएम मशीन खराब पड़ी हुई है, जिससे बैंक के ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक मैनेजर हर्षकांत ने बताया कि उन्होंने कई बार गंगानगर थाने के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
लगातार अनदेखी से परेशान होकर अंततः बैंक मैनेजर ने SSP कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद SSP अविनाश पांडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई के निर्देश दिए। SSP के आदेश के बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया।
यह मामला न केवल चोरी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। एक महीने तक रिपोर्ट दर्ज न होना कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।

