गाजीपुर/मऊ:
गाजीपुर जिले में शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन अचानक रेलवे ट्रैक पर आए एक सांड से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सांड की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शव ट्रेन के इंजन में फंस गया। इस घटना के कारण करीब एक घंटे तक ट्रेन को नायकडीह हॉल्ट पर रोकना पड़ा, जिससे रेल यातायात प्रभावित हो गया।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई) जा रही 12166 एक्सप्रेस ट्रेन जब बनारस–गोरखपुर रेलखंड पर गाजीपुर जिले के नायकडीह हॉल्ट के पास पहुंची, तभी अचानक एक सांड ट्रैक पर आ गया। ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण लोको पायलट ब्रेक लगाने के बावजूद टक्कर को नहीं रोक सके। टक्कर लगते ही सांड ट्रेन के इंजन में फंस गया।
घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे के कर्मचारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और इंजन में फंसे सांड के शव को निकालने की कोशिश शुरू की।
करीब एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद रेलवे कर्मचारियों ने सांड के शव को इंजन से बाहर निकाला। इसके बाद इंजन की तकनीकी जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन आगे चलने के लिए सुरक्षित है। जांच पूरी होने और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ट्रेन को फिर से रवाना कर दिया गया।
इस घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल संचालन प्रभावित रहा, हालांकि रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के चलते स्थिति को जल्द ही सामान्य कर लिया गया। वहीं इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रेलवे ट्रैक के आसपास आवारा पशुओं की मौजूदगी को लेकर चिंता भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि ट्रैक के आसपास अक्सर मवेशी घूमते रहते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

