Friday, October 2, 2026

उत्तर प्रदेश में 1 GW AI डेटा सेंटर के लिए ऐतिहासिक एमओयू

उत्तर प्रदेश सरकार ने एएम ग्रीन ग्रुप (AM Green Group) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावाट क्षमता का अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर (~₹2.27 लाख करोड़) के विशाल निवेश के साथ विकसित किया जाएगा, जो राज्य में तकनीकी और निवेश के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

क्या है यह परियोजना?

1 GW डेटा सेंटर: अत्याधुनिक AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, जिससे भारत की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूती मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा में विकसित: इसका स्थान उत्तर प्रदेश के निवेश-अनुकूल माहौल और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण चुना गया है।

$25 बिलियन निवेश: परियोजना में लगभग 25 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा, जो भारत में तकनीकी बुनियादी ढांचे में अब तक का एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।

परियोजना का विस्तार और समयरेखा

चरणबद्ध विकास:

पहला चरण: अनुमानित रूप से 2028 तक शुरू होगा।

पूरी क्षमता: 2030 तक 1 GW क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य है।


उन्नत तकनीकी संयंत्र: केंद्र में लगभग 500,000 हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स लगाए जाएंगे, जिससे वैश्विक और घरेलू AI कार्यों पर तेजी से काम किया जा सके।

ग्रीन एनर्जी आधारित संचालन: यह डेटा सेंटर 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (सौर, पवन, पंप्ड स्टोरेज) से संचालित होगा, जिससे पर्यावरण-अनुकूल तकनीक को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्या मायने रखता है यह समझौता?

UP को AI हब के रूप में स्थापित करेगा: यह परियोजना उत्तर प्रदेश को भारत के प्रमुख AI और तकनीकी केंद्रों में से एक बनने की दिशा में अग्रसर करेगी।

रोजगार और निवेश को बढ़ावा: इस निवेश से हजारों उच्च-कौशल रोजगार सृजित होने की संभावना है और साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित किया जा सकेगा।

‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप: परियोजना भारत सरकार के विकसित भारत 2047 लक्ष्य के तहत AI-ड्रिवन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों को गति देगी।

सरकार और कंपनी की प्रतिक्रिया

AM Green Group और यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में टीम ने दावोस के वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम 2026 में इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया। दोनों पक्षों ने इसे तकनीकी उन्नति, निवेश और रोजगार सृजन के लिए “एक निर्णायक कदम” बताया है।

यह समझौता न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की डिजिटल और AI-समर्थित अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

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