मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व सतर्कता बरती है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू किए हैं और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जनपद में 8, 9 और 10 जून 2026 को दो पालियों में आयोजित हो रही आरक्षी भर्ती परीक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, सेक्टर अधिकारियों और जोनल अधिकारियों की तैनाती की गई है। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है।
इसी क्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग, फ्रिस्किंग व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था तथा केंद्रों के आसपास कानून एवं शांति व्यवस्था का गहन जायजा लिया।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों और उनके आसपास विशेष सतर्कता बनाए रखने, अभ्यर्थियों की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच सुनिश्चित करने तथा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के आसपास न भटकने देने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने, नकल कराने या किसी प्रकार की अनियमितता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुजफ्फरनगर पुलिस और प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रदेश की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो। इसके लिए परीक्षा केंद्रों से लेकर कंट्रोल रूम तक निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

