10 हजार रुपये न देने पर घटिया लेंस लगाने का आरोप, ऑपरेशन के बाद एक आंख की रोशनी जाने का दावा; मेडिकल कॉलेज पर रिकॉर्ड न देने का भी आरोप
मुजफ्फरनगर। जनपद के निवासी अतर सिंह बालियान ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर आंख के ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि ऑपरेशन से पहले मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बेहतर लेंस लगाने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग की थी। जब उन्होंने यह रकम देने से इनकार कर दिया तो ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।
पीड़ित अतर सिंह बालियान ने इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को तहरीर देकर संबंधित डॉक्टरों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) से भी शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अतर सिंह बालियान का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद जब उनकी आंख की स्थिति बिगड़ गई तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया। इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन ने भर्ती और उपचार से संबंधित फाइल एवं दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए, जिससे उन्हें न्याय पाने में कठिनाई हो रही है।
पीड़ित का कहना है कि मेडिकल कॉलेज से निराश होने के बाद उन्होंने मेरठ के एक निजी अस्पताल में अपना उपचार कराया, जहां उन्हें ऑपरेशन में हुई गंभीर गड़बड़ी की जानकारी मिली। उनका आरोप है कि महज 10 हजार रुपये के विवाद के कारण उनकी एक आंख की रोशनी चली गई, जिससे उनका सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे अतर सिंह बालियान ने बताया कि उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दे दी है और अब जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर भी इस मामले के वीडियो सामने आए हैं और वह चाहते हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
“मैं अभी कप्तान साहब को भी एप्लीकेशन देकर आया हूं। मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है और अब डीएम साहब को भी प्रार्थना पत्र देने जा रहा हूं। मेडिकल कॉलेज ने मात्र 10 हजार रुपये के लिए मेरी एक आंख खराब कर दी। मुझे कहा गया कि जहां जाना है, चले जाओ। इसलिए मैं न्याय की मांग कर रहा हूं। एसएसपी साहब ने मेरी शिकायत ले ली है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले के वीडियो चल रहे हैं। मैं चाहता हूं कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और निष्पक्ष जांच हो।”
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

