चित्रकूट।
जनपद में अपहरण के बाद 13 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कपड़ा व्यापारी के बेटे का अपहरण कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी, लेकिन रकम न मिलने पर आरोपियों ने बच्चे की हत्या कर शव को जमीन में दफना दिया। घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश फैल गया।
मामला बरगढ़ थाना क्षेत्र के कस्बे का है। यहां कपड़ा व्यापारी अशोक केशवानी का 13 वर्षीय बेटा आयुष, जो कक्षा 7 का छात्र था, गुरुवार शाम करीब 6 बजे घर से लापता हो गया था। रात करीब 8:20 बजे अपहरणकर्ताओं ने पिता के फोन पर कॉल कर बेटे के अपहरण की सूचना दी और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और बच्चे की तलाश शुरू हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि इरफान नाम का युवक बच्चे को बाइक चलवाते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। शुक्रवार रात बच्चे का शव उसके घर से कुछ दूरी पर आरोपी के घर के पीछे जमीन में गड़ा हुआ बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव फैल गया और हजारों लोग मौके पर जुट गए।
आक्रोशित लोगों ने बच्चे का शव रखकर चित्रकूट–प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों के एनकाउंटर तथा उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मंडल के कई थानों की पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बल तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच परानू बाबा के जंगल में मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में कल्लू नामक आरोपी की मौत हो गई, जबकि दूसरा आरोपी इरफान गोली लगने से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए प्रयागराज रेफर किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इरफान ट्रक और अलमारी बनाने का काम करता था और उसके साथ कल्लू काम करता था। दोनों प्रयागराज जनपद के रहने वाले थे और किराए पर रहकर काम कर रहे थे। इरफान पहले पीड़ित परिवार के घर में किराए से रहता था, लेकिन 10 दिसंबर को उससे कमरा खाली करा लिया गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने बच्चे को बाइक सिखाने के बहाने अपने साथ ले जाकर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को छिपाने के लिए घर के पीछे गड्ढा खोदकर दफनाने का प्रयास किया।
घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले में विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी झकझोर देने वाली है, जहां लालच और बदले की भावना ने एक मासूम की जान ले ली।

