Thursday, October 1, 2026

अंबेडकर प्रतिमा हटाने से मुजफ्फरनगर में तनाव, दलित समाज में उबाल।

मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर माजरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा हटाए जाने के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से दलित समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है और ग्रामीणों ने इसे अपनी भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।

जानकारी के अनुसार, गांव के लोगों ने करीब छह दिन पहले मिलकर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की थी। यह प्रतिमा उनके लिए सम्मान, अधिकार और प्रेरणा का प्रतीक मानी जा रही थी। ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ इसकी स्थापना की थी और मंगलवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर भव्य अनावरण की तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई थी।

लेकिन रविवार देर रात अचानक हालात बदल गए। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रात के अंधेरे में प्रतिमा को हटा दिया गया। इस कार्रवाई की भनक लगते ही गांव में तनाव फैल गया और लोगों में गुस्सा भड़क उठा।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के यह कदम उठाया, जो पूरी तरह से अनुचित और अपमानजनक है। उनका कहना है कि अंबेडकर जयंती से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करना उनकी आस्था और सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है।

गांव के लोगों ने यह भी साफ किया कि प्रतिमा को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं था और सभी लोग शांतिपूर्वक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।

फिलहाल, गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द प्रतिमा को दोबारा स्थापित किया जाए और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। प्रशासन की ओर से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।

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